अखिलेश यादव पर ओपी राजभर का हमला, शिवपाल-धर्मेंद्र की एंट्री को लेकर क्यों उठाया सवाल?

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सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए राजभर ने सपा के भीतर पारिवारिक और संगठनात्मक समीकरणों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव और पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव को सपा मुख्यालय में प्रवेश करने के लिए भी अखिलेश यादव की इजाजत लेनी पड़ती है।

‘हरी झंडी देंगे, तभी मिलेगी एंट्री’

ओमप्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में सीधे अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए तंज कसा। उन्होंने लिखा, “अखिलेश जी! सुना है आपके समाजवादी पार्टी दफ्तर में चच्चू शिवपाल यादव और भाई धर्मेंद्र यादव को घुसने के लिए आपकी परमिशन चाहिए। आप हरी झंडी देंगे, तभी एंट्री मिलेगी! ना किया तो बेआबरू होकर वापसी करनी होगी।”

शिवपाल के योगदान का हवाला देकर अखिलेश पर प्रहार

राजभर ने समाजवादी पार्टी की स्थापना और विस्तार में शिवपाल यादव की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

उन्होंने लिखा कि जिस शिवपाल यादव ने नेताजी मुलायम सिंह यादव के साथ गांव-गांव घूमकर समाजवादी पार्टी को सींचा और संगठन खड़ा करने में अपनी पूरी जिंदगी लगा दी, आज उसी ‘चच्चू’ को पार्टी दफ्तर जाने के लिए भतीजे की हरी झंडी का इंतजार करना पड़ रहा है।

‘परिवारवालों का यह हाल, तो बाकी नेताओं की क्या स्थिति?’

राजभर ने अपनी पोस्ट में पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि शिवपाल की तरह ही धर्मेंद्र यादव का भी यही हाल बना दिया गया है।

पारिवारिक नेताओं की स्थिति को आधार बनाते हुए राजभर ने पार्टी के अन्य नेताओं पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने लिखा, “अगर परिवारवालों का ये हाल है तो सोचिए बाकी नेताओं की पार्टी में क्या स्थिति होगी।”

‘तरस आता है कि चच्चू को बुढ़ापे में ये सब देखना पड़ रहा’

दोनों नेताओं के बीच पुराने विवादों का जिक्र करते हुए राजभर ने लिखा, “चच्चू से राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन पार्टी खड़ी करने में उनका भी पसीना लगा है।”

शिवपाल यादव की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने आगे लिखा, “तरस इस बात पर आता है कि चच्चू को बुढ़ापे में ये सब देखना पड़ रहा है। ख़ैर, ऊपरवाला सब देख रहा है। वही मान-स्वाभिमान का न्याय करेगा।”

राजभर की इस पोस्ट के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि, इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी अथवा पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।