Tejas Mk1A: 1-2 महीने में भारतीय वायुसेना में शामिल हो सकता है LCA Mk1A

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भारतीय वायुसेना (IAF) की ताकत में जल्द ही बड़ा इजाफा होने जा रहा है। एयर वाइस चीफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने स्पष्ट किया है कि कुछ अंतिम तकनीकी परीक्षण पूरे होने के बाद लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) Mk1A को वायुसेना में शामिल करने की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस स्वदेशी लड़ाकू विमान, आगामी मेगा युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति 2026’ और भारत के 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट प्रोग्राम (AMCA) को लेकर कई अहम जानकारियां साझा कीं।

इंजन की समस्या सुलझी, 1-2 महीने में पूरा होगा काम

LCA Mk1A प्रोजेक्ट में हुई देरी के सवाल पर एयर वाइस चीफ ने बताया कि शुरुआत में सही इंजन न मिल पाने के कारण इस कार्यक्रम में थोड़ा विलंब हुआ था। हालांकि, अब आवश्यक इंजन प्राप्त कर लिए गए हैं और उन्हें एयरक्राफ्ट में इंस्टॉल भी कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि वायुसेना इसे औपचारिक रूप से बेड़े में शामिल करने से पहले इसकी गहन टेस्टिंग कर रही है। फिलहाल केवल 2 से 3 तकनीकी मुद्दों का परीक्षण और समाधान होना बाकी है। एयर मार्शल दीक्षित ने भरोसा जताया कि अगले 1 से 2 महीनों के भीतर इन सभी मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि भारतीय वायुसेना इस आधुनिक लड़ाकू विमान को अपने बेड़े में शामिल करने के लिए बेहद उत्सुक है।

तरंग शक्ति 2026: 65 मित्र देशों को न्योता

लड़ाकू विमानों की तैनाती के साथ-साथ भारतीय वायुसेना 2026 में मल्टीनेशनल एयर एक्सरसाइज ‘तरंग शक्ति’ के एक और भव्य संस्करण की तैयारी कर रही है। यह 2024 में आयोजित अभ्यास का विस्तार होगा।

एयर वाइस चीफ ने बताया कि इस मेगा एक्सरसाइज के लिए 65 मित्र देशों को निमंत्रण भेजा गया है। उन्होंने कहा कि पहले भारत की भागीदारी मुख्य रूप से द्विपक्षीय (Bilateral) युद्ध्याभ्यासों तक सीमित रहती थी, लेकिन तरंग शक्ति ने कई अंतरराष्ट्रीय वायुसेनाओं को एक मंच पर लाकर बड़ा बदलाव किया है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ से ली गई सीख: दीक्षित ने स्पष्ट किया कि तरंग शक्ति 2026 भविष्य के युद्धों की बदलती प्रकृति को प्रदर्शित करेगा। इसमें सटीक ऑपरेशन, इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस, मानवरहित (Unmanned) सिस्टम, स्पेस-बेस्ड एसेट और मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के अनुभवों ने खुफिया जानकारी आधारित ऑपरेशन, सटीक हमलों और काउंटर-ड्रोन क्षमताओं की अहमियत को और अधिक स्पष्ट कर दिया है।

AMCA: 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट पर तेजी से काम

भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए भारत 5वीं और 6वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की तकनीक पर भी तेजी से काम कर रहा है। एयर वाइस चीफ ने भारत के स्वदेशी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोग्राम का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना देश के अपने 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट के विकास में पूरी तरह से सहयोग कर रही है और इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी विशेषज्ञता (Technical Expertise) प्रदान कर रही है।