जेवर एयरपोर्ट का नाम अब ‘नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’
लखनऊ। शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में हुई यूपी कैबिनेट की बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर का नाम बदलकर ‘नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ कर दिया गया है। ये फैसला ऐसे मौके पर आया है जब पीएम मोदी ने हाल ही में सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे किए हैं।
कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम योगी ने बताया कि कैबिनेट ने नामकरण के साथ-साथ पीएम मोदी के 25 साल की सेवा पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पास किया है। 7 अक्टूबर को मोदी जी ने सरकार के मुखिया के तौर पर लगातार 25 साल पूरे किए। पहले गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री के रूप में। सीएम ने इसे ‘सेवा, समर्पण और राष्ट्र पहले’ की भावना वाली यात्रा बताया।
एयरपोर्ट का नाम क्यों बदला?
सीएम योगी ने साफ कहा कि जेवर एयरपोर्ट दुनिया से जुड़ाव को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। इसीलिए कैबिनेट ने तय किया कि इसका नाम पीएम मोदी के नाम पर रखा जाए। साथ ही, प्रदेश सरकार ने ‘विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
काशी से जेवर तक – मोदी जी का यूपी से खास रिश्ता
सीएम ने याद दिलाया कि पीएम मोदी काशी से सांसद हैं और यूपी की जमीन से देश को लीड कर रहे हैं। 2014 में जब वो पहली बार काशी आए थे तो उन्होंने कहा था, ‘मुझे मां गंगा ने बुलाया है।’ उसके बाद से काशी का चेहरा बदला, विकास हुआ और पूरे यूपी में एक नई कार्यसंस्कृति बनी।
सीएम ने कहा कि 2017 से पहले यूपी प्रशासनिक ठहराव, असुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा था। लेकिन केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार के तालमेल से पारदर्शी शासन, मजबूत कानून-व्यवस्था, बेहतर इन्फ्रा और निवेश के अनुकूल माहौल बनाया गया।
सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव
सीएम ने बताया कि यूपी में कनेक्टिविटी को लेकर जबरदस्त काम हुआ है। करीब 2,483 किलोमीटर लंबे 42 नेशनल हाइवे बने हैं, जिन पर तकरीबन 60 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए। दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून, दिल्ली-मेरठ और कानपुर-लखनऊ जैसे एक्सप्रेसवे ने प्रदेश की रफ्तार बढ़ाई है।
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत (RRTS) प्रोजेक्ट पर 30 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च हुआ है और ये हाई-स्पीड पब्लिक ट्रांसपोर्ट की एक नई मिसाल बन चुका है। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा-ग्रेटर नोएडा में मेट्रो का जाल भी फैला है। जेवर का एयरपोर्ट इसी बदलती कनेक्टिविटी की सबसे बड़ी कड़ी बनने जा रहा है।
इंडस्ट्री और लॉजिस्टिक्स में यूपी का उभार
सीएम ने बताया कि यूपी अब देश के बड़े लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक केंद्रों में गिना जाने लगा है। दादरी ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का मुख्य जंक्शन बन चुका है। 1,050 किमी से ज्यादा फ्रेट कॉरिडोर प्रदेश से होकर गुजरता है।
वाराणसी में नेशनल वॉटरवे-1 पर देश का पहला मल्टीमॉडल इनलैंड पोर्ट टर्मिनल बना है और 100 एकड़ में देश का पहला फ्रेट विलेज भी यहीं तैयार हुआ है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल की असेंबली यूनिट चल रही है, यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर आकार ले रहा है और 1,000 एकड़ का पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क भी बन रहा है।
न दिलाई है। पीएम मोदी ने अपनी विदेश यात्राओं के दौरान काशी की गुलाबी मीनाकारी, निजामाबाद की ब्लैक पॉटरी, कन्नौज का इत्र और लखनऊ की जरदोजी को ग्लोबल स्टेज पर रखा। विदेशी नेताओं को ये चीजें गिफ्ट में देना — ये ‘लोकल से ग्लोबल’ की सोच को मजबूत करने वाला कदम रहा है।
नौजवानों को नौकरी
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना से 62 लाख से ज्यादा युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट बांटे गए। प्रदेश में साढ़े नौ लाख से ज्यादा सरकारी भर्तियां हुई हैं और 65 लाख युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में काम मिला है। जॉब फेयर, आईटीआई और स्किल डेवलपमेंट मिशन के जरिए 31 लाख से ज्यादा युवाओं को ट्रेनिंग दी गई।
खेल के मोर्चे पर भी काम हुआ है। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल यूनिवर्सिटी बनी है, काशी में मॉडर्न स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तैयार हुआ है और नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसे प्रोजेक्ट्स से खिलाड़ियों को नए मौके मिल रहे हैं।
