चुनाव आयोग पर कांग्रेस की बैठक से अखिलेश और रामगोपाल ने बनाई दूरी
चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व में बुधवार को दिल्ली में बुलाई गई विपक्षी दलों की बैठक से समाजवादी पार्टी (सपा) के शीर्ष नेतृत्व ने दूरी बना ली है। इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस (TMC) समेत ‘इंडिया’ गठबंधन के कई प्रमुख दल शामिल हो रहे हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल सपा से पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव दोनों ही इसमें शिरकत नहीं करेंगे। सपा ने अब अपने प्रतिनिधि के रूप में सांसद हरेंद्र मलिक को इस बैठक में भेजने का फैसला किया है।
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग पर मचे घमासान के बीच इस कदम को सपा की रणनीति और दबाव की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस की तरफ से 150 सीटों तक की सार्वजनिक दावेदारी और इमरान मसूद व राजेंद्र पाल गौतम जैसे नेताओं के बयानों को सपा नेतृत्व गैर-वाजिब मान रहा है।
अखिलेश और रामगोपाल की जगह हरेंद्र मलिक जाएंगे दिल्ली
बैठक के लिए पहले समाजवादी पार्टी की तरफ से प्रो. रामगोपाल यादव का नाम इंडिया अलायंस को भेजा गया था। लेकिन मंगलवार को योजना में बदलाव करते हुए पार्टी ने हरेंद्र मलिक को दिल्ली भेजने का निर्णय लिया।
अखिलेश यादव पहले ही अपने पूर्व-निर्धारित कार्यक्रमों का हवाला देकर बैठक में शामिल होने से इनकार कर चुके थे। वहीं, प्रो. रामगोपाल यादव बुधवार को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के सिलसिले में लखनऊ में मौजूद रहेंगे। अखिलेश यादव भी इस नामांकन प्रक्रिया के दौरान मौजूद रहेंगे।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि राज्यसभा नामांकन के लिए 6 अक्टूबर तक का समय होने के बावजूद बुधवार का ही दिन चुना गया, जिससे दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व के साथ सीधी मुलाकात से बचा जा सके।
सीटों के दावों से असहज है सपा नेतृत्व
सपा खेमे में नाराजगी की मुख्य वजह कांग्रेस नेताओं की ओर से सीटों को लेकर आ रहे लगातार बयान हैं। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम 150+ सीटों पर दावेदारी ठोक चुके हैं, जबकि सांसद इमरान मसूद ने बयान दिया था कि बिना राहुल गांधी के नेतृत्व के अखिलेश यादव भाजपा का मुकाबला नहीं कर सकते। सपा इन बयानों को जमीनी हकीकत से दूर और गैर-जरूरी मान रही है। शीर्ष नेताओं के दिल्ली न जाने को इसी असहजता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
जियाउर रहमान बर्क का पलटवार: ‘यूपी में हम बड़े प्लेयर, कांग्रेस दिखाए बड़ा दिल’
इमरान मसूद के बयानों और कांग्रेस के दबाव के जवाब में सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क खुलकर सामने आए हैं। बर्क ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा का सबसे बड़ा और मजबूत विकल्प सिर्फ समाजवादी पार्टी है। उन्होंने कहा, “सपा ने प्रदेश में हमेशा सरकार बनाई है और आगे भी बनाएंगे। इसलिए सीट की बात करना ठीक है, लेकिन कितनी सीटें चाहिए, यह भी सोचना होगा।”
सपा सांसद ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि चुनाव जीतने और सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को बड़ा दिल दिखाना पड़ेगा। बर्क के मुताबिक, भले ही कांग्रेस कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में सरकार चला रही हो, लेकिन उत्तर प्रदेश में मुख्य ताकत और सबसे बड़ा खिलाड़ी समाजवादी पार्टी ही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर दोनों दलों को मिलकर चुनाव लड़ना है, तो सीटों का फैसला आपसी सहमति और जमीनी प्रभाव के आधार पर ही तय करना होगा।
