फ्लाई दुबई विमान घटना की जांच करेगा UAE, आतंकी एंगल की भी होगी पड़ताल

fly dubai

दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई (Flydubai) के विमान में हुई गंभीर घटना के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू करने का ऐलान किया है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि इस संवेदनशील घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष और गहन पड़ताल के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन कर दिया गया है।

अटॉर्नी जनरल के निर्देश पर बनी विशेष टीम

यूएई के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, देश के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद अल शम्सी ने लोक अभियोजन विभाग (Public Prosecution) के विशेषज्ञ अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं।

यह कदम फ्लाईदुबई द्वारा दी गई उस जानकारी के बाद उठाया गया है, जिसमें बताया गया था कि उड़ान के दौरान विमान के कॉकपिट में विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई थी। स्थिति बिगड़ते देख विमान में मौजूद क्रू सदस्यों ने तत्परता दिखाते हुए हस्तक्षेप किया और विमान को सुरक्षित किया।

यूएई के अधिकार क्षेत्र में जांच

मंत्रालय ने अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट करते हुए कहा कि संबंधित विमान यूएई में पंजीकृत है और संयुक्त अरब अमीरात का ध्वज लेकर उड़ान भर रहा था। अंतरराष्ट्रीय एवं स्थानीय नागरिक उड्डयन कानूनों के तहत विमान के भीतर घटित होने वाले किसी भी अपराध या घटना की जांच का पूर्ण अधिकार यूएई की न्यायिक संस्थाओं के पास है। कानून के मुताबिक, विमान के अंदर होने वाले अपराधों पर यूएई का अधिकार क्षेत्र लागू होता है, भले ही वह घटना देश की भौगोलिक सीमा से बाहर घटित हुई हो।

आतंकी साजिश और योजना की भी होगी पड़ताल

जांच टीम को घटना की तह तक जाने के निर्देश दिए गए हैं। विदेश मंत्रालय ने रेखांकित किया कि जांच में केवल तकनीकी खामी या आपसी विवाद ही नहीं, बल्कि संभावित सुरक्षा खतरों की भी जांच की जाएगी। इसमें मुख्य रूप से यह परखा जाएगा कि क्या इस घटना का संबंध किसी आतंकवादी गतिविधि या दुर्भावनापूर्ण मंशा से था? क्या इस विवाद के पीछे पहले से तय कोई साजिश या बाहरी निर्देश शामिल थे?

सऊदी अरब का जताया आभार, अफवाहों से बचने की अपील

घटना के बाद उपजी आपात स्थिति को संभालने और दिए गए सहयोग के लिए यूएई सरकार ने सऊदी अरब के अधिकारियों के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया है। इसके साथ ही मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों और अटकलों पर ध्यान न दें। मंत्रालय ने लोगों से आग्रह किया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी बयानों पर ही भरोसा करें।