दानिश ने दिल्ली पुलिस को कहा- ‘पहले बल्लेबाजी करो’, संजय मांजरेकर बोले- शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार

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मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर बुलाए गए विरोध-प्रदर्शन ने न केवल सियासी बल्कि खेल जगत का भी ध्यान अपनी ओर खींचा है। पुलिस की अनुमति न मिलने के बावजूद प्रदर्शनकारियों के जमावड़े, नेताओं की गिरफ्तारी और दिल्ली पुलिस की सख्त कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ी हुई है। इसी बीच, पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया और भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं, जो खूब वायरल हो रही हैं।

दानिश कनेरिया का दिल्ली पुलिस के समर्थन में विवादित तंज

पाकिस्तान के पूर्व लेग स्पिनर दानिश कनेरिया ने दिल्ली पुलिस के कड़े एक्शन का समर्थन करते हुए एक विवादित पोस्ट किया है। कनेरिया ने अपने एक्स (X) अकाउंट पर क्रिकेट की शब्दावली का इस्तेमाल करते हुए तंज कसा। उन्होंने लिखा, “उम्मीद है दिल्ली पुलिस टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनेगी।”

उनके इस पोस्ट को पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करने के इशारे के तौर पर देखा जा रहा है। कनेरिया के इस तंज पर सोशल मीडिया यूजर्स दो धड़ों में बंट गए हैं—कुछ लोग उनके इस बयान का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई लोग इस असंवेदनशील टिप्पणी के लिए उनकी कड़ी आलोचना कर रहे हैं।

संजय मांजरेकर बोले- ‘जहां तक मुझे पता है, भारत लोकतांत्रिक देश है’

दूसरी तरफ, भारत के पूर्व क्रिकेटर और जाने-माने कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने इस पूरे घटनाक्रम पर संयमित और लोकतांत्रिक अधिकार की वकालत करने वाली प्रतिक्रिया दी है। मांजरेकर ने दिल्ली पुलिस की भारी बैरिकेडिंग और गिरफ्तारियों की ओर इशारा करते हुए अपने एक्स (X) अकाउंट पर लिखा, “शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन एक लोकतांत्रिक गतिविधि है। जहां तक मुझे पता है, भारत एक लोकतांत्रिक देश है।” मांजरेकर की यह टिप्पणी सरकार और प्रशासन के रवैये पर एक कड़ा सवाल खड़ा कर रही है।

जंतर-मंतर पर छावनी जैसे हालात, दिग्गज हिरासत में

शनिवार सुबह से ही जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। दिल्ली पुलिस ने कई डीटीसी बसों में चढ़कर यात्रियों की चेकिंग की है और सभी प्रमुख रास्तों पर सघन नाकेबंदी की है। पुलिस ने ‘जंतर-मंतर-2.0’ का आह्वान करने वाले CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई प्रमुख नेताओं व प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है। कई अन्य नेताओं को शुक्रवार रात ही हाउस अरेस्ट (House Arrest) कर दिया गया था, ताकि किसी भी हाल में भीड़ जंतर-मंतर तक न पहुंच सके।