मौत की सजा फेल, दो बार जानलेवा इंजेक्शन लगने के बाद भी धड़कता रहा हत्यारी का दिल

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अमेरिका के टेनेसी राज्य में मौत की सजा (Death Penalty) पर अमल के दौरान एक बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक घटना सामने आई है। साल 1996 में एक जघन्य हत्या के लिए मौत की सजा पाने वाली 50 वर्षीय क्रिस्टा पाइक को दो बार जानलेवा इंजेक्शन (Lethal Injection) दिए गए, लेकिन इसके बावजूद उनकी मौत नहीं हुई और उनका दिल धड़कता रहा। इस गड़बड़ी के तुरंत बाद प्रक्रिया को रोककर पाइक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

‘सांस लेते वक्त आ रही थी खर्राटों की आवाज’

जानलेवा इंजेक्शन की प्रक्रिया के दौरान हुई इस बड़ी तकनीकी और चिकित्सीय गड़बड़ी के तुरंत बाद, क्रिस्टा पाइक के वकीलों ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से रोकने और उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अदालत में याचिका दायर की।

याचिका में वकीलों ने अदालत को बताया, “पाइक बेहोश हो गई हैं, लेकिन उनका दिल अभी भी धड़क रहा है। सांस लेते समय उनके गले से खर्राटों जैसी आवाज आ रही है।” उनके एक बचाव पक्ष के वकील ने बीबीसी को जानकारी देते हुए बताया कि 50 वर्षीय पाइक को पेंटोबार्बिटल (Pentobarbital) दवा से भरी दो सिरिंज दी गई थीं, जिसके बाद भी उनकी जान नहीं गई। फिलहाल उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

किस जुर्म में मिली थी मौत की सजा?

क्रिस्टा पाइक को साल 1996 में 19 वर्षीय कोलीन स्लेमर की बेरहमी से हत्या करने के मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी। इस जघन्य वारदात को अंजाम देते वक्त पाइक की उम्र महज 18 वर्ष थी।

अभियोजन पक्ष (Prosecution) के अनुसार, क्रिस्टा पाइक और उसके तत्कालीन बॉयफ्रेंड टेडारिल शिप ने मिलकर कोलीन स्लेमर को बुरी तरह पीटा, उसे अमानवीय तरीके से प्रताड़ित किया और अंततः उसकी हत्या कर दी। चौंकाने वाली बात यह थी कि इन तीनों की मुलाकात परेशानियों से जूझ रहे किशोरों को सुधारने के लिए आयोजित एक ‘जॉब ट्रेनिंग कैंप’ में हुई थी।

पीड़िता की मां का दर्द: ‘वह भागने की कोशिश कर रही होगी’

इस दर्दनाक घटनाक्रम पर कोलीन स्लेमर की मां मार्टिनेज की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि वह चाहती थीं कि पाइक की सजा पर बिना किसी रुकावट के अमल हो। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) से बात करते हुए उन्होंने अपना दर्द बयां किया, “जब भी मैं इस पूरी घटना के बारे में सोचती हूं, तो मुझे अपनी बेटी कोलीन के उस दर्द का अहसास होता है… मुझे लगता है कि उस वक्त वह उठकर भागने की कोशिश कर रही होगी।”

इस घटना ने अमेरिका में जानलेवा इंजेक्शन (Lethal Injection) के जरिए दी जाने वाली मौत की सजा की प्रक्रिया और उसकी विश्वसनीयता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।