October 5, 2026

बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें फिर बढ़ीं, बरी होने के फैसले के खिलाफ सेशंस कोर्ट पहुंचीं महिला पहलवान

brijbhushan singh

भारतीय जनता पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व WFI (भारतीय कुश्ती महासंघ) अध्यक्ष बृजभूषण सिंह को बरी किए जाने के मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले के खिलाफ चार महिला पहलवानों ने अब सेशंस (सत्र) न्यायालय में अपील दायर की है। इस अहम याचिका पर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट कल (26 सितंबर) सुनवाई कर सकती है।

महिला पहलवानों ने अपनी याचिका में केवल बृजभूषण शरण सिंह ही नहीं, बल्कि मामले में सह-आरोपी और WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को बरी किए जाने के आदेश को भी चुनौती दी है।

‘आदेश में पुरानी रूढ़िवादी सोच को बनाया गया आधार’

याचिकाकर्ता पहलवानों ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को कानून की नजर में ‘गैर-टिकाऊ’ बताया है। अपील में आरोप लगाया गया है कि निचली अदालत ने सबूतों का गलत और चुनिंदा तरीके से आकलन किया।

याचिका के अनुसार, “यह आदेश पूरी तरह से अनुमान और अटकलों पर आधारित है और इसमें स्थापित कानूनी सिद्धांतों को सही तरीके से लागू नहीं किया गया है।” पहलवानों का यह भी कहना है कि मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश में पीड़िता के व्यवहार को लेकर पुरानी और रूढ़िवादी सोच को आधार बनाकर फैसला सुनाया गया, जो न्यायसंगत नहीं है।

मामले का पूरा घटनाक्रम

उल्लेखनीय है कि देश के कई नामी पहलवानों (जिन्में साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया शामिल थे) ने बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाते हुए जंतर-मंतर पर लंबा विरोध प्रदर्शन किया था। भारी दबाव और सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। हालांकि, हाल ही में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए बृजभूषण सिंह और विनोद तोमर को मामले में बरी कर दिया था। अब सेशंस कोर्ट में होने वाली यह नई सुनवाई इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक नया मोड़ ला सकती है।