“तुमको मालूम नहीं, लाड़ली बहना ही बहुत महंगी पड़ गई…”: CM मोहन यादव के बयान पर सियासी बवाल
मध्य प्रदेश की बहुचर्चित ‘लाड़ली बहना योजना’ (Ladli Behna Yojana) को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक बड़ा बयान सामने आया है, जिससे राज्य में नया सियासी बवाल खड़ा हो गया है। एक निजी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने योजना के भारी वित्तीय भार (Financial Burden) का जिक्र करते हुए कहा, “तुमको मालूम नहीं, लाड़ली बहना ही बहुत महंगी पड़ गई।”
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सीएम पद संभालने के बाद उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि सरकार के खजाने पर इस योजना की इतनी भारी मार पड़ेगी।
‘भांजियों’ से जुड़े सवाल पर सीएम का जवाब
दरअसल, एक निजी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव से सवाल पूछा गया था कि सरकार महिलाओं को ‘लाड़ली बहना योजना’ के तहत राशि तो दे रही है, लेकिन भांजियों (लड़कियों) को सौगात कब दी जाएगी?
इसी सवाल के जवाब में सीएम ने सहज अंदाज में योजना के वित्तीय भार की ओर इशारा किया। हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब डॉ. मोहन यादव ने इसके आर्थिक बोझ पर चिंता जताई है। अपनी सरकार के एक साल पूरे होने के मौके पर भी उन्होंने इस योजना की वजह से सरकारी खजाने पर पड़ रहे दबाव का जिक्र किया था।
विपक्ष हमलावर: “चुनाव से पहले लाड़ली, अब परेशानी”
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद विपक्ष को सरकार पर निशाना साधने का मौका मिल गया है। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मोहन सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले तो महिलाओं को ‘लाड़ली’ बताया गया, लेकिन सत्ता में आते ही यही योजना सरकार के लिए परेशानी बन गई है।
सिंघार ने भाजपा के महिला सम्मान के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा, “चुनाव से पहले लाड़ली, सत्ता में आते ही परेशानी।” कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार अब इस योजना से पीछे हटने या इसका दायरा कम करने के बहाने ढूंढ रही है।
शिवराज सिंह चौहान ने शुरू की थी योजना
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में ‘लाड़ली बहना योजना’ की शुरुआत तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में 2023 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुई थी।
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शुरुआत में इस योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 1,000 रुपये भेजे जाते थे।
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बाद में इस राशि को बढ़ाकर 1,250 रुपये प्रति माह कर दिया गया।
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विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने महिलाओं से वादा किया था कि राज्य सरकार भविष्य में इस राशि को धीरे-धीरे बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह तक ले जाएगी।
फिलहाल, मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस ताजा बयान के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में लाड़ली बहना योजना के भविष्य और राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर बहस तेज हो गई है।
