मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर ‘जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश’ पहुंचा थाईलैंड, 4,800 नौसैनिक करेंगे फुकेत में आराम

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मध्य पूर्व (Middle East) में ईरान के साथ चले तनावपूर्ण अभियानों के बाद अमेरिकी नौसेना (US Navy) के जवान अब आराम के मूड में हैं। अमेरिका का विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर ‘जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश’ (George H.W. Bush) रविवार को थाईलैंड (Thailand) के मशहूर रिसॉर्ट आईलैंड फुकेत (Phuket) के तट पर पहुंच गया है।

इस निमित्ज-क्लास (Nimitz-class) के शक्तिशाली युद्धपोत पर लगभग 4,800 नौसैनिक और सैन्यकर्मी सवार हैं, जो अगले कुछ दिनों तक फुकेत में ‘रेस्ट-एंड-रिक्रिएशन’ (आराम और मनोरंजन) के लिए रुकेंगे।

ईरान से युद्ध के दौरान अरब सागर में था तैनात

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर ईरान के साथ हालिया संघर्ष (Conflict with Iran) के दौरान अरब सागर (Arabian Sea) में ऑपरेशन को अंजाम दे रहा था। कई महीनों की इस संवेदनशील और लंबी तैनाती के बाद अब इसके क्रू मेंबर्स को आराम दिया जा रहा है।

  • युद्धपोत समुद्र तट से कुछ दूरी पर लंगर डाले रहेगा।

  • स्थानीय मीडिया के अनुसार, चालक दल के सदस्य फुकेत डीप सी पोर्ट के जरिए तट पर आएंगे।

  • यह क्रू 4 से 9 अक्टूबर तक आईलैंड पर समय बिताएगा।

कुछ ही हफ्तों में दूसरा अमेरिकी कैरियर पहुंचा थाईलैंड

खास बात यह है कि कुछ ही हफ्तों के भीतर थाईलैंड पहुंचने वाला यह दूसरा अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर है।

  • पिछले महीने ही अमेरिकी विमानवाहक पोत ‘अब्राहम लिंकन’ (Abraham Lincoln) ने पूर्वी थाईलैंड के लेम चबांग (Laem Chabang) में 5 दिनों का पोर्ट कॉल (Port Call) किया था।

  • अब्राहम लिंकन पर भी लगभग 5,000 नौसैनिक और मरीन जवान सवार थे।

गौरतलब है कि थाईलैंड मुख्य भूमि दक्षिण पूर्व एशिया (Southeast Asia) में संयुक्त राज्य अमेरिका का एकमात्र संधि सहयोगी (Treaty Ally) है, जिसके कारण अमेरिकी सैन्य टुकड़ियों का यहां आना-जाना आम है।

फुकेत की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा बूस्ट

हजारों अमेरिकी नौसैनिकों के एक साथ फुकेत पहुंचने से वहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन (Tourism) को जबरदस्त फायदा होने की उम्मीद है। एक स्थानीय मेयर ने अनुमान लगाया है कि प्रत्येक अमेरिकी सैनिक इस विजिट के दौरान रोजाना लगभग 3,000 बाहट ($89 या करीब 7,500 रुपये) खर्च कर सकता है। इससे वहां के स्थानीय व्यवसायों, होटलों और रेस्तरां को भारी आर्थिक लाभ मिलेगा।