ट्रंप की ईरान को चेतावनी, हूतियों का अरामको पर हमला, जानें युद्ध के बड़े अपडेट्स

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अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को ‘आसान या मुश्किल’ (Easy way or the hard way) रास्ते में से किसी एक को चुनने की चेतावनी दी है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने दावा किया है कि अमेरिकी प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव के बावजूद उनका देश डटा हुआ है। कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चे के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी तनाव जारी है, जहां यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में तेल कंपनी अरामको (Aramco) के ठिकानों पर बड़ा हमला किया है।

ट्रंप की चेतावनी: ‘आसान या मुश्किल, फैसला ईरान को करना है’

ट्रंप ने व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ईरान पूरी तरह से तबाह हो चुका है और उसकी अर्थव्यवस्था व सेना खत्म हो चुकी है। ट्रंप ने कहा, “ईरान को लेकर हम जल्द फैसला करेंगे। अब सवाल सिर्फ यह है कि यह आसान तरीके से होगा या मुश्किल तरीके से। “

टेक्सास में एक अन्य कार्यक्रम में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान में महंगाई 301 प्रतिशत तक पहुंच गई है और उसके पास पैसे नहीं बचे हैं। उन्होंने कहा कि यह युद्ध बहुत जल्द खत्म होगा और इसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी।

ईरान का पलटवार: ‘आर्थिक युद्ध में अमेरिका नाकाम’

अमेरिकी दावों के जवाब में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि उनकी सरकार ने इन विशेष परिस्थितियों से निपटने के लिए एक ‘नई व्यवस्था’ लागू की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पेजेशकियन ने लिखा कि दुश्मनों की कोशिश देश की जीवनरेखा को काटने की थी, लेकिन जनता के समर्थन और सरकारी उपायों ने इस आर्थिक युद्ध में उन्हें सफल नहीं होने दिया।

रियाद में हूतियों का हमला: अरामको रिफाइनरी निशाने पर

सैन्य मोर्चे पर भी खाड़ी में हलचल तेज है। यमन के हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने रियाद में अरामको फैसिलिटी पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स से हमले की जिम्मेदारी ली है। रियाद के दक्षिण में अरामको की रिफाइनरी से धुएं का गुबार और लपटें उठती देखी गईं, जहां दमकल की गाड़ियां आग बुझाने की कोशिश कर रही थीं।

सऊदी अरब के असीर क्षेत्र के अहद राफिदा गवर्नरेट में इंटरसेप्ट की गई एक बैलिस्टिक मिसाइल का मलबा गिरने से एक एशियाई नागरिक घायल हो गया। मलबे की वजह से एक प्रार्थना कक्ष और कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है।

सीनेटर क्रिस मर्फी का दौरा और होर्मुज जलडमरूमध्य में गतिविधियां

युद्ध के प्रभावों का आकलन करने के लिए अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी कतर पहुंच गए हैं। वह जल्द ही सऊदी अरब का दौरा करेंगे। मर्फी युद्ध शुरू होने के बाद खाड़ी क्षेत्र का दौरा करने वाले पहले डेमोक्रेटिक सीनेटर हैं। वह कतरी और सऊदी अधिकारियों के साथ युद्ध को खत्म करने के प्रयासों और खाड़ी के प्रति भविष्य की अमेरिकी नीति पर चर्चा करेंगे।

समुद्र में व्यापारिक आवाजाही को लेकर भी अहम घटनाक्रम हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में कुवैत के झंडे वाले टैंकर ‘एमटी काजिमा-III’ पर प्रोजेक्टाइल से हमले के बाद ओमान के अधिकारियों की मदद से पांच भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया। इराक ने दशकों बाद इसी जलडमरूमध्य के रास्ते 20 लाख बैरल कच्चे तेल का परिवहन किया है। इराक ने इसके लिए ईरान से विशेष अनुमति हासिल की थी।

पुर्तगाल के अभियोजकों ने ईरान संघर्ष के दौरान अजोरेस स्थित लाजेस एयर बेस के अमेरिकी इस्तेमाल की वैधता की जांच भी शुरू कर दी है। वामपंथी विपक्षी दलों की शिकायत के बाद यह कदम उठाया गया है।