PDA फॉर्मूले पर ओपी राजभर का तंज, पूछा- क्या ‘D’ से दौलतमंद और ‘A’ से अपराधी होंगे उम्मीदवार?
उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उम्मीदवारों की घोषणा और चुनावी समीकरणों को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और एनडीए के बीच सीधी बयानबाजी शुरू हो चुकी है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर कड़ा प्रहार किया है। राजभर ने सीधे तौर पर सपा के संभावित प्रत्याशियों की पृष्ठभूमि पर सवाल खड़े किए हैं।
PDA की राजभर ने बताई नई परिभाषा: परिवार, दौलतमंद और अपराधी
ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट कर अखिलेश यादव से पूछा कि यदि समाजवादी पार्टी राज्यसभा के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में उतारती है, तो क्या वे तीनों उम्मीदवार वास्तव में PDA वर्ग से होंगे?
उन्होंने पहले संभावित प्रत्याशी का जिक्र करते हुए व्यंग्य किया और पूछा कि क्या ‘प्रोफेसर साहब’ अखिलेश यादव के PDA में ‘परिवार’ की श्रेणी में आते हैं। इसके बाद राजभर ने PDA के ‘D’ और ‘A’ अक्षरों का नया मतलब निकालते हुए सवाल किया कि क्या ‘D’ से किसी ‘दौलतमंद’ और ‘A’ से किसी ‘अपराधी’ को उम्मीदवार बनाया जाएगा?
सुभासपा प्रमुख ने कहा कि प्रदेश के पिछड़े, दलित और मुस्लिम समाज के लोग यह जानना चाहते हैं कि अखिलेश यादव के इस PDA फॉर्मूले के तहत परिवार के सदस्यों, दौलतमंदों और अपराधियों को संसद के उच्च सदन में भेजने की रणनीति कैसे बनाई जा रही है।
‘तीन के चक्कर में दूसरा मत गंवा दीजिएगा’
अपने सोशल मीडिया पोस्ट के अंत में ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख को एक सियासी नसीहत भी दी। उन्होंने लिखा, “तीन के चक्कर में दूसरा मत गंवा दीजिएगा।”
राजभर के इस बयान को राज्यसभा चुनाव में सपा के संख्याबल, चुनावी गणित और संभावित क्रॉस वोटिंग के खतरे की ओर एक बड़े राजनीतिक तंज के रूप में देखा जा रहा है।
राज्यसभा की रिक्त होने वाली सीटों को लेकर उत्तर प्रदेश में सत्ता पक्ष और विपक्ष लगातार अपनी गोटियां सेट करने में लगे हैं। उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक और जातीय समीकरणों को साधने की कवायद चल रही है। ओम प्रकाश राजभर पहले भी अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले की व्यावहारिकता पर सवाल उठाते रहे हैं, लेकिन राज्यसभा प्रत्याशियों को लेकर उनके इस ताजे हमले ने यूपी के सियासी पारे को और चढ़ा दिया है।
