मोबाइल यूजर्स को बड़ी राहत: अब 28 नहीं, पूरे 30 दिन की मिलेगी वैलिडिटी
देश के करोड़ों प्रीपेड मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए एक अहम और राहत भरी खबर है। सरकार ने ‘टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (13वां संशोधन) रेगुलेशंस, 2026’ पेश किया है। नए नियमों के तहत मोबाइल नेटवर्क कंपनियों को अब 28 दिन की बजाय पूरे 30 दिनों की वैलिडिटी वाले रिचार्ज प्लान देने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, कंपनियों को ग्राहकों के लिए बिना इंटरनेट वाले केवल कॉलिंग और एसएमएस के सस्ते विकल्प भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने होंगे।
साल में 13 की जगह 12 रिचार्ज का बचेगा खर्च
अब तक टेलीकॉम कंपनियां एक महीने के पैक के नाम पर केवल 28 दिनों की वैलिडिटी वाले प्लान ऑफर करती थीं। इस व्यवस्था के चलते हर महीने के 2 से 3 दिन कट जाते थे और उपभोक्ताओं को 12 महीनों के एक साल में 13 बार रिचार्ज का खर्च उठाना पड़ता था। नए रेगुलेशंस के लागू होने के बाद ग्राहकों को पूरे 30 दिन की वैलिडिटी मिलेगी, जिससे उनका सालाना एक अतिरिक्त रिचार्ज का खर्च बच जाएगा।
बुजुर्गों और फीचर फोन यूजर्स के लिए सस्ते विकल्प
नए प्रावधानों में उन उपभोक्ताओं का विशेष ध्यान रखा गया है जिन्हें स्मार्टफोन या इंटरनेट डेटा की जरूरत नहीं होती। देश में आज भी करोड़ों लोग, विशेषकर बुजुर्ग और ग्रामीण आबादी, केवल बात करने के लिए साधारण कीपैड फोन का इस्तेमाल करते हैं। इसके बावजूद उन्हें मजबूरी में डेटा पैक वाले महंगे रिचार्ज कराने पड़ते थे।
नए नियमों के बाद टेलीकॉम कंपनियों को बाजार में ऐसे सस्ते प्लान उतारने होंगे, जिनमें डेटा न हो और केवल वॉइस कॉलिंग व एसएमएस की सुविधा दी जाए। इससे फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले वर्ग को सीधा आर्थिक फायदा होगा।
राघव चड्ढा ने संसद में उठाया था ’28 दिन’ का मुद्दा
आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने सरकार के इस फैसले पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने जानकारी दी कि इसी साल 11 मार्च को संसद सत्र के दौरान उन्होंने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था।
चड्ढा ने संसद में सवाल किया था कि कंपनियों द्वारा 28 दिन का साइकिल बनाकर आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ क्यों डाला जा रहा है। उन्होंने इसे उपभोक्ताओं की बड़ी मांग बताते हुए कहा कि सरकार द्वारा नियमों में किए गए इस संशोधन से आम जनता को बड़ी सहूलियत मिलेगी।
