प्रवेश वर्मा ने दी थप्पड़कांड पर सफाई, AAP विधायक पर लगाए कमीशन मांगने के आरोप
दिल्ली के तिलक नगर में सड़क निरीक्षण के दौरान एक युवक को थप्पड़ मारने के मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश वर्मा ने अपना पक्ष रखा है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद घिरे मंत्री ने दावा किया है कि युवक ने उनके परिवार को अपशब्द कहे थे, जिसके कारण आवेश में आकर उन्होंने यह कदम उठाया। इसके साथ ही मंत्री ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक जरनैल सिंह पर सरकारी काम में बाधा डालने और कमीशन मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
‘जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था’
अपनी सफाई में प्रवेश वर्मा ने थप्पड़ मारने की घटना पर कहा कि जब उनके परिवार के बारे में गलत बोला गया, तो गुस्से में आकर उन्होंने ऐसा किया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था। मंत्री ने कहा, “अगर कोई सरकारी कामों में बाधा डालेगा और हमारे अधिकारियों से कमीशन मांगेगा, तो यह हमसे बर्दाश्त नहीं होगा। यही इस पूरी घटना की सच्चाई है।”
विधायक पर ठेकेदार से कमीशन मांगने का आरोप
मंत्री ने स्थानीय विधायक जरनैल सिंह को निशाने पर लेते हुए कहा कि विकासपुरी रिंग रोड पर कई दिनों से सड़क निर्माण का काम चल रहा है। प्रवेश वर्मा का आरोप है कि विधायक जरनैल सिंह PWD इंजीनियरों पर ठेकेदार से मिलवाने का दबाव बना रहे थे और सड़क निर्माण में कमीशन लेने की कोशिश कर रहे थे।
वर्मा ने बताया कि जब विधायक को कमीशन नहीं मिला, तो उनके लोग रात में जाकर नई बनी सड़क को उखाड़ने का काम करते थे और उसे भ्रष्टाचार बताकर वीडियो सोशल मीडिया पर डाल रहे थे। इस मामले में PWD के इंजीनियरों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और विधायक के खिलाफ FIR करवाई जा रही है।
थर्ड पार्टी ऑडिट और कोर कटिंग का आश्वासन
आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए मंत्री ने कहा कि जो काम पहले की सरकारें नहीं कर पाईं, वह काम आज मौजूदा सरकार कर रही है, जिससे AAP नेताओं को परेशानी हो रही है। उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर स्पष्ट किया कि सरकार अपने कार्यों का ‘थर्ड पार्टी ऑडिट’ और ‘कोर कटिंग’ टेस्ट कराएगी, ताकि सारे रिकॉर्ड पारदर्शी रहें।
’45 मिनट इंतजार किया, आते ही शुरू कर दी बदतमीजी’
प्रवेश वर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें जानकारी दी कि इलाके में पिछले 15 साल से सड़कें नहीं बनी थीं। मंत्री के मुताबिक, उन्होंने मौके से खुद विधायक जरनैल सिंह को तीन बार फोन किया और उनका 45 मिनट तक इंतजार किया। वर्मा का दावा है कि जब जरनैल सिंह अपने कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंचे, तो उन्होंने आते ही बदतमीजी शुरू कर दी।
