September 21, 2026

IIT बॉम्बे छात्र आत्महत्या मामला: प्रशासन ने मानी 18 सूत्रीय मांगें, FIR दर्ज होने के बाद आरोपी प्रोफेसर सस्पेंड

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आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) के एनर्जी साइंस विभाग के 20 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद पिछले तीन दिनों से चल रहा छात्रों का भारी विरोध प्रदर्शन थम गया है। भारी दबाव के बीच संस्थान के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ लंबी बैठक की। रविवार (20 सितंबर) देर रात हुई इस बातचीत के बाद संस्थान प्रशासन ने छात्रों द्वारा रखे गए 18 सूत्रीय मांग पत्र (चार्टर) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

मांगों पर सहमति बनने के साथ ही, मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए फैकल्टी टीचर प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला को रविवार शाम निलंबित कर दिया गया।

पिता के गंभीर आरोप और प्रोफेसर पर FIR

साहिल की मौत के मामले में पवई पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) के तहत एफआईआर दर्ज की है। क्राइम ब्रांच अब इस मामले की जांच कर रही है। प्रोफेसर डुल्ला डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग (DESE) में पिछले एक दशक से अधिक समय से कार्यरत थे।

साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि प्रोफेसर डुल्ला पिछले करीब तीन महीनों से उनके बेटे को कथित तौर पर जातिसूचक गालियां दे रहे थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रोफेसर द्वारा साहिल को झूठे मामले में फंसाने की धमकियां दी जा रही थीं, जिससे वह भारी मानसिक तनाव में था।

छात्रों की प्रमुख मांगें और एक महीने का अल्टीमेटम

देर रात हुए समझौते के बाद आगामी ओपन हाउस में आधिकारिक घोषणा किए जाने की उम्मीद है। प्रशासन द्वारा मंजूर की गई छात्रों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • निष्पक्ष जांच: साहिल की मौत के मामले की एक स्वतंत्र जांच हो। जांच की अंतरिम रिपोर्ट 30 सितंबर और अंतिम रिपोर्ट 15 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से जारी की जाए।

  • सार्वजनिक माफी: साहिल के बारे में लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट में दी गई आंशिक और अस्पष्ट जानकारी को लेकर संस्थान सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।

  • मानसिक स्वास्थ्य व नियम: प्रोफेसरों के लिए एक सख्त आचार संहिता (Code of Conduct) बनाई जाए। कैंपस अस्पताल में 24 घंटे मनोचिकित्सक की उपलब्धता और काउंसलिंग सेवाओं में तत्काल सुधार हो।

  • निर्णयों में भागीदारी: संस्थान के महत्वपूर्ण फैसलों में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

छात्रों ने प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है कि यदि मांग पत्र पर हस्ताक्षर की तारीख से एक महीने के भीतर इन शर्तों को पूरा नहीं किया गया, तो निदेशक, एसोसिएट डीन और छात्र मामलों के डीन को अपने पद से इस्तीफा देना होगा।

18 सितंबर को क्या हुआ था?

18 सितंबर को साहिल वाकोडे अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया था। घटना को लेकर संस्थान प्रशासन की ओर से सफाई दी गई थी कि साहिल को उसी दिन एक परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन से कथित तौर पर नकल करते हुए पकड़ा गया था। प्रशासन के मुताबिक, इस घटना के कुछ देर बाद ही हॉस्टल में उसकी आत्महत्या की खबर सामने आई। हालांकि, परिवार और साथी छात्र इसे प्रोफेसर द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न का नतीजा बता रहे हैं, जिसके खिलाफ लगातार कार्रवाई की मांग उठ रही थी।