गेहूं कारोबारियों के लिए गुड न्यूज! एक्सपोर्ट पर लगी रोक हटी, आटा और मैदा भेजने का रास्ता भी साफ
गेहूं के कारोबार से जुड़े लोगों और निर्यातकों के लिए सोमवार को बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने गेहूं के निर्यात पर लगी रोक तत्काल प्रभाव से हटा दी है। इसके साथ ही गेहूं के आटे और उससे जुड़े उत्पादों जैसे आटा, मैदा और सूजी के निर्यात को भी ‘फ्री’ कैटेगरी में डाल दिया गया है। सरकार के इस फैसले से भारतीय कारोबारियों को विदेशी बाजार में अपना माल भेजने का रास्ता आसान होगा।
वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने सोमवार को दो अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कीं। इनमें गेहूं की निर्यात नीति को ‘निषिद्ध’ से बदलकर ‘फ्री’ कर दिया गया है। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। यानी संबंधित HS Codes के तहत आने वाले गेहूं का निर्यात अब प्रतिबंधित श्रेणी में नहीं रहेगा।
ड्यूरम गेहूं भी अब भेज सकेंगे विदेश
सरकार के फैसले में ड्यूरम गेहूं को भी शामिल किया गया है। ITC (HS) Code 10011900 के तहत आने वाले ड्यूरम गेहूं और ITC (HS) Code 10019910 के तहत आने वाले गेहूं की निर्यात नीति में बदलाव किया गया है। पहले इन दोनों कैटेगरी के गेहूं को विदेश भेजने पर रोक थी। अब इन्हें फ्री एक्सपोर्ट कैटेगरी में डाल दिया गया है।
आटा, मैदा और सूजी का एक्सपोर्ट भी फ्री
सरकार ने सिर्फ गेहूं तक ही फैसला सीमित नहीं रखा है। अलग अधिसूचना के जरिए गेहूं के आटे और संबंधित उत्पादों के निर्यात पर भी प्रतिबंध हटा दिया गया है। ITC (HS) Code 11010000 के तहत आने वाले आटा, मैदा, सूजी (रवा), होलमील आटा और अन्य संबंधित आटा उत्पादों को भी अब ‘फ्री’ एक्सपोर्ट कैटेगरी में रखा गया है।
कारोबारियों को क्या होगा फायदा?
इस फैसले से गेहूं और इससे जुड़े उत्पादों का कारोबार करने वाले निर्यातकों को विदेशी बाजारों तक पहुंच बनाने में आसानी हो सकती है। भारतीय कंपनियां अब निर्धारित नियमों के तहत गेहूं, आटा और मैदा जैसे उत्पादों को दूसरे देशों में भेज सकेंगी। सरकार ने दोनों अधिसूचनाओं में साफ किया है कि बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। माना जा रहा है कि इस फैसले से कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और भारतीय गेहूं उत्पादों के लिए विदेशी बाजार में नए अवसर पैदा करने में मदद मिल सकती है।
