CJP के प्रदर्शन को जन सुराज का समर्थन: ‘सरकार को झुकना पड़ेगा, मुख्य चुनाव आयुक्त को देना होगा इस्तीफा’
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। दिल्ली पुलिस द्वारा अनुमति न दिए जाने के बावजूद सीजेपी ने देशभर के युवाओं से जंतर-मंतर पहुंचने का आह्वान किया है। इस बीच, जन सुराज पार्टी ने आंदोलन का खुलकर समर्थन करते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है।
‘शांतिपूर्ण आंदोलन पर रोक असंवैधानिक, बैकफुट पर है सरकार’
जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ सिंह ने बयान जारी करते हुए कहा कि भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों से परे शांतिपूर्ण तरीके से हो रहे आंदोलन पर रोक लगाना नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का खुला हनन है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर उठ रही आवाजों से केंद्र सरकार पूरी तरह बैकफुट पर आ चुकी है।
कुमार सौरभ ने अतीत के घटनाक्रम की याद दिलाते हुए कहा कि पेपर लीक विवाद के समय भी नरेंद्र मोदी सरकार और दिल्ली पुलिस ने धर्मेंद्र प्रधान के बचाव में इसी तरह युवाओं के आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया था, लेकिन अंततः जनदबाव के आगे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था।
‘सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और CEC की चुप्पी से उपजा आक्रोश’
जन सुराज प्रवक्ता ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट की चुनाव आयोग को लेकर की गई तीखी टिप्पणियों और उस पर मुख्य चुनाव आयुक्त की लगातार चुप्पी से देश के युवाओं में गहरा आक्रोश है।
उन्होंने दावा किया, “भारत के युवाओं (Gen-Z) के दबाव के आगे नरेंद्र मोदी सरकार और ज्ञानेश कुमार दोनों को झुकना पड़ेगा। सरकार चाहे जितना भी बचाव कर ले, मुख्य चुनाव आयुक्त को अपने पद से इस्तीफा देना ही पड़ेगा।”
20 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, ‘आपातकाल’ जैसे हालात
10 अक्टूबर को होने वाले इस प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। राजधानी में 20,000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की गई है। इस भारी पुलिस पहरे पर प्रतिक्रिया देते हुए जन सुराज ने कहा कि दिल्ली में “आपातकाल” जैसी स्थिति का अहसास कराया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस की रोक के बावजूद शनिवार को देशभर से बड़ी संख्या में युवाओं के जंतर-मंतर पर जुटने की संभावना जताई जा रही है, जिस पर अब पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।
